अँधियारा है, अश्वत्थामा है, संजय है : गुलाल

आवारा हूँ ... गान्धारी~ “तो सुनो कृष्ण ! प्रभु हो या परात्पर हो कुछ भी हो सारा तुम्हारा वंश इसी तरह पागल कुत्तों की तरह एक-दूसरे को परस्पर फाड़ खायेगा तुम खुद उनका विनाश करके कई वर्षों बाद किसी घने जंगल में साधारण व्याध के हाथों मारे जाओगे प्रभु हो पर मारे जा... [पूरी पोस्ट]
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[22 Mar 2009 18:40 PM]

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