बेवफाई मेरी आदत नहीं, मजबूरी हैं!!
हम बेवफा हरगिज़ न थे, पर हम वफ़ा कर न सके हमको मिली उसकी सज़ा, हम जो खता कर ना सके हम बेवफा हरगिज़ न थे, पर हम वफ़ा कर न सके फ़िल्म शालीमार का यह प्रसिद्ध किशोर दा का गीत किसे याद न होगा। कुछ दिनों पूर्व दैनिक जागरण का एक लेख पढ़ रहा था कि " क्यों सोचते...
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Sudhir (सुधीर)
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[20 Feb 2009 20:36 PM]



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