दिल में होली जल रही हैं...

अप्रवासी उवाच (Apravasi Uvach) सर्वप्रथम सुश्री पाठकों और सम्पूर्ण चिठ्ठा-जगत को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ। हाय! अप्रवासी जीवन.... होली आई और चुपचाप चली जा रही हैं...न कोई हुडदंग न ही होली की उमंग... कार्यालय में बैठकर अपने संगणक पर देश-दुनिया से आयी बधाई याँ पढ़ रहें हैं और वही न... [पूरी पोस्ट]
writer Sudhir (सुधीर)
views
11
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
0
[11 Mar 2009 13:01 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix