बाप रे! सत्तर हजार की जगह, सात लाख रुपए
इस बार घर गया तो यूं ही पापा से बातचीत चल रही थी। पापा इलेक्टीसिटी डिपार्टमेंट में हैड कैशियर हैं। इसलिए उनका बैंक में रेग्यूलर आना जाना लगा रहता है। तो सुनिए पापा का सुनाया हुआ एक किस्सा ये किस्सा सुनकर लगेगा कि जब तक देश में इतनी अनपढ और नासमझ...
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राजीव जैन Rajeev Jain
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[21 Mar 2009 12:49 PM]



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