आँखों में रात ख्वाब का खंज़र उतर गया

duniyakalamkinazarse आँखों में रात ख्वाब का खंज़र उतर गया यानि सहर से पहले चिरागे सहर गया इस फ़िक्र ही में अपनी तो गुजरी तमाम उमर में उसको था पसंद तो क्यो छोड़ कर गया आंसू मेरे तो मेरे ही दामन में आए थे आकाश कैसे इतने सितारों से भर गया कोई दुआ कभी तो हमारी कबूल कर वरना कहे... [पूरी पोस्ट]
writer Rahul kundra
views
34
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
1
[21 Mar 2009 07:02 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix