गीत
पी के देखा हर नशा हर विष पिया,किंतु फ़िर भी वेदना सोई नहीं। घर से निकले थे बड़ी उम्मीद से सब समस्याओं का हल मिल जायेगा.इस मरुस्थल की नहीं सीमा तो क्या,इस मरुस्थल में ही जल मिल जायेगा। प्यास तन-मन की मगर ऐसी बढ़ी,दिल दुखा तो आँख तक रोई नहीं।वास्तविकताएँ...
[पूरी पोस्ट]
Dr. Amar Jyoti
28
2
0
2
4
[20 Mar 2009 12:29 PM]



Shuffle








