धमा-चौकड़ी बंद करो

आलोक बात उस समय की है जब मैं गाजियाबाद में रहता था । हम चार दोस्तों ने एक तीन कमरे का मकान किराये पर लिया हुआ था । कहने को तो हम चार लोग थे पर ऐसा कोई समय नहीं होता था की जब हमारे दो-तीन (कभी इससे ज्यादा) बाहरी मित्र न आये हुए हो । जब लड़के होगे तो शोर , च... [पूरी पोस्ट]
writer आलोक सिंह
views
33
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
10
[20 Mar 2009 06:13 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix