तुम्हारे लिए कुछ लिखना चाहता हूँ
जब से तुम्हे देख है दिल करता है तुम्हारे लिए कुछ लिखूँ, सिर्फ तुम्हारे लिए, तुम्हारी आँखों को झील लिखूँ, बालों को काली घटा लिखूँ, तुम्हारे गालों को पर्वतों की चोटियाँ कहूँ, या तुम्हारी गर्दन को सुराही लिखूँ, तुम्हारी चाल की तुलना मोर से करूँ या, तुम्...
[पूरी पोस्ट]
Gurnam Singh Sodhi
17
0
0
0
3
[20 Mar 2009 02:36 AM]



Shuffle








