टोटल टाइमपास

संदीप शर्मा गैरों के थिरकते शाने पे... यूं हाथ गंवारा कैसे करे... वो बात गंवारा कैसे....` `कुछ और सुनाओ ना..` `क्यों ये अच्छा नहीं लगा` `गाना अच्छा नहीं, तुम्हारी आवाज अच्छी है।` `तो फिर...` `बस ऐसे ही। कुछ और सुना दो ना प्लीज `कौनसा सुनाऊं` `जो तुम्हे पसंद हो..... [पूरी पोस्ट]
writer संदीप शर्मा Sandeep sharma
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[19 Mar 2009 15:37 PM]

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