गुलाबी रंग हैं मेरे

फुरसत के रातदिन नया रस्ता नयी बातें यही सब संग हैं मेरे तेरी खुशबू की बरसातें गुलाबी रंग हैं मेरे खुमारे शब अभी बाकी है देखो मेरी आँखों में कि कुछ अंगड़ाईयाँ लेता हूँ अब ये ढंग हैं मेरे कई खत और तेरी याद का अजमत ख़ज़ाना है यही बाकी है अब यारा बज़ार-ए-तंग हैं मेरे मे... [पूरी पोस्ट]
writer अभिषेक
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[19 Mar 2009 03:31 AM]

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