जब यारों के लिए लिखे प्रेम पत्र

खुली खिड़की वो दिन बहुत याद आते हैं, जब हम सब दोस्त मिलकर एक घर में एकत्र होते थे और पढ़ा करते थे, पढ़ने वाले तो दो ही थे, बाकी तो मौज मस्ती करने के लिए आते थे. शाम को रोटी खाने के बाद दूध पीकर घर से पढ़ाई का बहाना बनाकर जल्दी भागना मुझे याद है, हम सब मेरे एक दोस्त... [पूरी पोस्ट]
writer कुलवंत हैप्पी
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[19 Mar 2009 01:33 AM]

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