भैरव और कापालिक
मनाली से चालीस किलोमीटर दूर अव्यय पहाड़ प्रसिद्द है। एक बार हम सब उसी पहाड़ की चोटी पर बैठे हुए थे। स्वामी जी (मेरे गुरुदेव डॉ नारायण दत्त श्रीमाली जी जब वे संन्यस्त थेदैनिक पूजा संपन्न कर गुफा से बाहर निकले ही थे कि हम सबको देखकर उन्होनें आशीर्वचन क...
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Vikram
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[18 Mar 2009 23:14 PM]



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