कुछ भी नही.
जब तक जियें हम कुछ ऐसे जियें ना हासिल हुआ ऐसा कुछ भी नही ! और जब मरें हम कुछ ऐसे मरें जहाँ में हमारा तो कुछ भी नही ! लोग जाते हैं सब कुछ यहीं छोड़कर मिलते हैं निशाँ और कुछ भी नही ! क्या आए थे करने क्या करते रहे हम सिवा प्यार के 'नीर' और कुछ भी नही !...
[पूरी पोस्ट]
NirjharNeer
23
2
0
2
5
[18 Mar 2009 06:43 AM]



Shuffle








