नौकरी की टोकरी पार्ट 2

Hindi Poems by Archana Panda जब मैं एक हाउस वायिफ थी, क्या कूल मेरी लाइफ थी ! पर काल चला चाल, देख मेरी वो हंसी, मैं नौकरी की टोकरी के जाल मैं फँसी | हाँ, थी मेरी तमन्ना , मेरा भी व्हाइट कोल्लर होगा, होगी मेरी एक पहचान और जेब में डॉलर होगा , पर डॉलर आया बाद में, पहले जीवन ही कट ग... [पूरी पोस्ट]
writer kavitaprayas
views
38
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
5
[17 Mar 2009 15:41 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix