जीना हुआ दुश्वार

Patna Gandhi Maidan संजीव रंजन की कविता . कविता का सन्दर्भ मित्र संजीव ने लिख भेजा है.पढें और अपनी राय से सब की हौसल अफजाई करें. कौशल जी, प्रस्तुत कविता प्रिय वीरू के हौसले का प्रतिफल है. मैंने टेलीफून पर कभी बात-चीत के दौरान उनसे अपने बालकनी के नीचे-के पार्किंग स्पेस म... [पूरी पोस्ट]
writer Kaushal Kishore , Kharbhaia , Patna
views
35
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
1
[16 Mar 2009 07:00 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix