चौदहवीं के ये चाँद
चुनाव के नगाड़े बज रहे हैं, हर तरफ़ धूम मची है। चुनाव की चर्चा में बाकी काम ठप्प पड़ने लगे हैं। ऐसे में कलाजगत भला कैसे शांत बैठ जाए, सवाल दर सवाल हैं और जवाब आधे-अधूरे। चौदहवीं लोकसभा में कलाजगत के भी नुमाइंदे थे। राजबब्बर, धर्मेन्द्र, जयाप्रदा, गोविं...
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[16 Mar 2009 04:14 AM]



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