मेरी नजर किसी के , सहारे पे नही है - मुक्तक
सूरज पे नहीं चांद पे , तारे पे नहीं है चौखट पे किसी या किसी द्वारे पे नही है है अपने बाजुओं पे , भरोसा बहुत मुझे मेरी नजर किसी के , सहारे पे नही है डा. उदय मणि...
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डा. उदय ’ मणि ’
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[16 Mar 2009 01:41 AM]



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