मुस्कुराहट......

mahua मुस्कुरा.... तू जहां भी हैं.... सिर्फ मुस्कुरा... क्योंकि तेरी मुस्कुराहट... मेरे बदन में.... तेरी आहट बन उतरती है.... तेरी मुस्कुराहट... धूप की तरह.... मुझपर बिखरती है.... तेरी मुस्कुराहट... हर रोज़, मुझे छूकर गुज़रती है... औऱ किसी रुपहली बारिश की त... [पूरी पोस्ट]
writer tanu sharma.joshi

तुम....

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[16 Mar 2009 00:12 AM]

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