इन्कलाबी शायर मख़्दूम मोहिउद्दीन का जन्म शताब्दी समारोह
मखदूम की जिन्दगी और उनकी शायरी में कोई अन्तर्विरोध नहीं था-नुसरत मखदूम में अपने समय को जांचने और परखने की अद्भुत क्षमता थी-स्वाधीन मख़्दूम हमारे साहित्य का शानदार सरमाया है-कृष्ण कल्पित जयपुरः राजस्थान प्रगतिशील लेखक संघ और राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादम...
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प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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[14 Mar 2009 20:35 PM]



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