महानगर की होली

मेरी आवाज़ महानगर की होली होली आई होली आई मुन्ने की नजरें ललचाई देख पिचकारी और गुलाल पाया जा घर में धमाल ले दो मुझको भी गुलाल करूँगा रंगों से कमाल माँ ने ला दी एक पिचकारी पानी ही से भर दी सारी साथ में दी दी चेतावनी देखो वेस्ट न करना पानी साठ रुपये का लीटर बीस प... [पूरी पोस्ट]
writer सीमा सचदेव
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[13 Mar 2009 05:53 AM]

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