क्या मैं अब भी वही हूँ?
मेरा घर पहाडों के बीच है.यहाँ से शाम को पारसनाथ नजर आता है. वह बच्ची रोज कोशिस करती थी की डुबते सूरज और पार्श्वनाथ को एक पेंटिंग में समेट ले. उसने झील के किनारे बैठकर बहुत कोशिस की वह तैरती हुई मछलियों को अपनी इतनी देर देखे की उसे सपनो में भी यह सब य...
[पूरी पोस्ट]
लवली कुमारी / Lovely kumari
60
6
0
6
21
[12 Mar 2009 06:04 AM]



Shuffle








