मैं स्टेशन के पास का वाहन-स्टैण्ड हूं
मैं स्टेशन के पास का वाहन-स्टैण्ड हूं जहां निज-मन के वाहन खड़े करने के लिये अपनी मुस्कराहट के चमकते सिक्कों से राहगीर मेरे प्रेम और दायित्व के टिकट खरीद लेता है । फिर पूरे कर अपने काम लौटता है और अपना मन-वाहन लेकर उड़ जाता है । बहुत-सी ऐसी ही मुस्कराहट...
[पूरी पोस्ट]
हिमांशु । Himanshu
35
4
0
4
6
[12 Mar 2009 05:22 AM]



Shuffle








