इंतज़ार
आधी ज़िन्दगी तो गुज़र गयी इसी इंतज़ार में कि तुम आओगी तुम्हारी उम्मीद पे कितनी ही राते जल गयी न जाने कितने चाँद तुम्हारे इंतज़ार में बुझ गए वो बरसो से सुबह जो आकर मेरे कानो में कहती थी कि आज तो वो आएगी वो भी बस अब थक गयी है ये सदियों से दिन काटते काट...
[पूरी पोस्ट]
tarun
21
2
0
2
5
[12 Mar 2009 03:54 AM]



Shuffle








