आज सबके रंग ही उड़ जाएंगे........(लाल-और-बवाल .. जुगलबंदी)
हमें, याने मुझे और बवाल को पूरा होश है कि यह कोई वक्त नहीं ब्लॉगपोस्ट करने का। जिस वक्त सब होली के रंग में डूबे हों, भांग की पिनक में अजूबे हों और उस वक्त आप लट्ठ लेकर खड़े हो जायें कि हम लिखे हैं, पढ़ो, कितनी ग़लत बात कई लोग नहीं समझते, आप देख ही रहे...
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लाल और बवाल (जुगलबन्दी)
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[10 Mar 2009 21:04 PM]



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