आजा, मन रंग डालें मिलकर।
आजा, मन रंग डालें मिलकर। मन कहता है, आज ये मेरा रंग डालूँ तुझे रंगों से अपने बैंगनी, हरे, लाल,नीले, पीले रंगों से सजा दूँ चेहरा तेरा। खेलूँ रंग यूँ साथ मैं तेरे भीगे तू भी संग में मेरे ना पहचाने जाएँ ये...
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Mired Mirage
Hindi poem
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[10 Mar 2009 20:43 PM]



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