आज न छोड़ेंगे बस हमजोली, खेलेंगे हम होली

आनन्द बक्षी होली का जिधर देखो माहौल बना हुआ है, रंग है गुलाल है, छोरे का, गोरी का तन लाल है। ऐसा समा बंधा है कि बस आनन्द साहब और राहुल देव का यह गाना ख़ुद ही याद आ रहा है और गाये जा रहा हूँ। आप गाओ और रंग उड़ाओ कि बच न जाने पाये कोई, होली है!!! Aaj Na ChhoRenge... [पूरी पोस्ट]
writer विनय

आनन्द बक्षी

views
23
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
7
[10 Mar 2009 20:02 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix