होली के रंग

anubhav होली के रंग और तुम्हारी याद दोनो साथ-साथ आ गए…. खिले हुए फूल और… बरसते हुए रंग कसक सी…. जगा गए आती है जब भी टेसू की गन्ध दिल की कली मुरझा सी जाती है रंगों में डूब जाने की चाहत…. बलवती हो जाती है चेतना बावली होकर पुकार लगाती है और शून्य में टकराकर पगल... [पूरी पोस्ट]
writer शोभा
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[10 Mar 2009 00:37 AM]

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