मुशायरा -सारा क़ुरान रट गई दुनिया..!

naturica जनाब इब्राहीम 'अश्क' का मुशायरा (साइबर) में मैं स्वागत करता हूँ जनाब 'अश्क'अपने हाथों से कट गई दुनिया कितने हिस्सों में बंट गई दुनिया अस्ल मानी कभी नहीं समझी सारा क़ुरान रट गई दुनिया ...हमारे दौर की शायरी को रूमानियत से लबरेज़ रखने वाले जनाब क़तील शिफ... [पूरी पोस्ट]
writer naturica

मुशायरा

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[07 Mar 2009 07:00 AM]

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