फुलवा जैसनी सुकुमार
बिहार और झारखंड (प्राचीन अंगजनपद) के कुछ हिस्सों में आज भी होरी (होली पर गाया जानेवाला गीत) अपने पुराने अंदाज और ठाट से गाया जाता है। शिवरात्रि के दिन से आरंभ होकर होलिका दहन के दिन तक रोज रात में गाया जाता है। दिनभर के कामों से निवृत होकर जब लोग रात...
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pritima vats
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[07 Mar 2009 06:10 AM]



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