GAZAL

राही मासूम रज़ा का साहित्य मोतीधर ने गद्दारी की और अंग्रेज ने जाना ऐसे गद्दारों का भैया कहो कहां हैं ठिकाना देश बेचकर पाया होगा चन्द टकों का बयाना गद्दारी करने से तो अच्छा ही था मर जाना मर जाता तो धूल दवा बन जाती उसके दामन की सुनो भाइयो, सुनो भाइयो, कथा सत्तावन की... [पूरी पोस्ट]
writer डा. फीरोज़ अहमद
views
19
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[07 Mar 2009 03:06 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix