दुनियादारी सीख गया - एक मुक्तक

मैं समय हूँ ... दिल मे नफ़रत मुंह पे बातें , प्यारी प्यारी सीख गया सारी तिकडम , तौर - तरीके सब अय्यारी सीख गया बुरा नहीं है अच्छा है ये जो कुछ मेरे साथ हुआ इसके कारण मैं भी थोडी , दुनिया दारी सीख गया सादर डा. उदय ’ मणि’... [पूरी पोस्ट]
writer डा. उदय ’ मणि ’
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[06 Mar 2009 01:18 AM]

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