रंगों और शब्दों के बीच की आवाजाही का पड़ाव जयपुर
कलम के लिए दुष्यंत द्वारा प्रभु जोशी कथाकार बेहतर हैं या अच्छे पेंटर या उम्दा फिल्मकार, ये तय करना बड़ा मुश्किल है पर ये ज़रूर है कि शब्द रंग और दृश्य तीनों से उनका जुड़ाव उन्हें एक सम्पूर्ण कलाकार बनाता है। अट़्ठारहवीं शताब्दी के अंत और उन्नीसवीं शत...
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कलम
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[05 Mar 2009 06:29 AM]



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