गुरु नानक और उनका आशीष
एक बार गुरु नानक अपने शिष्यों के साथ कहीं जा रहे थे। रास्ते में शाम हो जाने पर उन सबने एक गाँव में वेश्राम लिया। गुरु नानक आए हैं, यह पाता चलने पर सभ्ह गांववासी भागे-भागे आए उनके स्वागत के लिएसभी ने यथा शक्ति गुरु नानक सहित सभी का यथोचित स्वागत- सत्क...
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Vibha Rani
कथा
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[05 Mar 2009 01:18 AM]



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