जादुई चिराग...

खामोश पहलू ... बचपन में एक कहानी सुनी थी अलादीन और उसका जादुई चिराग.. कितना अच्छा होता न अगर हमारे हाथ भी लग जाता वो ही चिराग अलादीन का.. एक दिन सोच रहा था मैं कि मान लो मेरे सामने जिन् निकल के आता और कहता "क्या हुक्म है मेरे आका".. क्या मांगता यार मैं.. सोचना शुरू... [पूरी पोस्ट]
writer Ketan Kanaujia
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[04 Mar 2009 03:22 AM]

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