दीवाली - वीरेन्द्र की भोजपुरी कविता
वीरेन्द्र की भोजपुरी कविता - दीवाली .पटना गाँधी मैदान का यह मंच ,हम सब के लिए बिहारी जन जीवन , इतिहास ,समाज ,आशा और निराशा , जय पराजय अर्थात हमारे सामूहिक जीवन के राग रंग का आइना या कहें की मेटाफर है. मित्र वीरू ने कविता का सन्दर्भ दिया है . इसे पढें...
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Kaushal Kishore , Kharbhaia , Patna
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[04 Mar 2009 00:52 AM]



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