पहाड़ी गीतः अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
गोपाल बाबू गोस्वामी जी की आवाज में सुनिये ये मधुर और प्रसिद्ध कुमाऊँनी गीत। ये गीत एक पति द्वारा अपनी पत्नी दुर्गा के लिये गाया गया है। ये दोनों पति और पत्नी पग डंडियों पर मस्त होकर छेड़ छाड़ करते हुए द्वाराहाट के स्याल्दे बिखौती के मेले में घूमने के...
[पूरी पोस्ट]
Tarun
कुमाऊँनी संगीतगीत और संगीत
26
1
0
1
10
[02 Mar 2009 23:50 PM]



Shuffle








