सुलतान

अखिलं मधुरम् नृप बनने के बाद जनों ने पूछा यही हसन से बात      । पास न सेना विभव बहुत, कैसे सुलतान हुए तुम तात    । बोला अरि पर भी उदारता सच्चा स्नेह सुहृद हित प्राप्त   । जन-जन प्रति सदभाव न क्या सुलतान हेतु इतना... [पूरी पोस्ट]
writer हिमांशु । Himanshu
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[28 Feb 2009 04:55 AM]

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