प्यार

kuch kavitayen kuch hain geet प्यार मैंने तुम्हें कभी नही किया अस्वीकार जब तुमने पुकारा मैंने खोल दिए द्वार । कभी प्रतीक्षा में तुम्हारी सजाई रंगोली , बांधे बन्दनवार । प्यार मैंने तुम्हें कभी नही किया अस्वीकार । कभी सूनेपन में तुम्हें गीत बनाकर गा लिया । कभी अकेलेपन में , मीत बना... [पूरी पोस्ट]
writer सीमा रानी
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[27 Feb 2009 10:47 AM]

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