सपने तो वही हैं, जो रातों को सोने नहीं देते...

मीत टूट कर ये हर पल, मेरी जान लेते रहे... हमको भी प्यार था इनसे, ढेरों सपने हम भी संजोते रहे... कभी सोते, कभी जागते, कभी ज़िन्दगी के संग भागते, ख्वाब के मोती नींद में पिरोते रहे... पर टूट कर ये हर पल, मेरी जान लेते रहे... रात की अंगनाई में हम, इन्हें पूर... [पूरी पोस्ट]
writer मीत
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[27 Feb 2009 02:00 AM]

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