जैसा भाव-वैसा ही प्रभाव

धर्म यात्रा बचपन में एक कथा सुनी थी कि एक बार एक व्यक्ति किसी बियाबान् जंगल मे से गुजर रहा था।चलते चलते जब वो थक गया तो विश्राम हेतु एक वृ्क्ष के नीचे बैठ गया। वो वृ्क्ष वास्तव में एक कल्पवृक्ष था। कल्पवृक्ष की विशेषता यह होती है कि उसकी छांव में बैठ कर मन में ज... [पूरी पोस्ट]
writer Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"
views
29
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
6
[26 Feb 2009 09:56 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix