जैसा भाव-वैसा ही प्रभाव
बचपन में एक कथा सुनी थी कि एक बार एक व्यक्ति किसी बियाबान् जंगल मे से गुजर रहा था।चलते चलते जब वो थक गया तो विश्राम हेतु एक वृ्क्ष के नीचे बैठ गया। वो वृ्क्ष वास्तव में एक कल्पवृक्ष था। कल्पवृक्ष की विशेषता यह होती है कि उसकी छांव में बैठ कर मन में ज...
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Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"
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[26 Feb 2009 09:56 AM]



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