विश्व को ललकारने की धृष्टता - मित्र की राय सर आंखों पर

Patna Gandhi Maidan वीरेन्द्र के लेख पर प्रिय संजीव की टिपण्णी -आप ब्लॉग पर आए हम सब अनुगृहित हुए।जैसा की हम सब मित्रों की बरसों पुराणी राय रही है की आप बाचिक परमम्परा के दुरंधर एवं बेजोड़ रहें है.आपके इस अनमोल और दुर्लभ गुण के कारण , ज़माना गवाह है ,आपके मित्र कितना कुछ... [पूरी पोस्ट]
writer Kaushal Kishore , Kharbhaia , Patna
views
18
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
1
[26 Feb 2009 02:47 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix