कभी तु मेरे साथ होगी...
ख़ुदा हाफिज, ऐ दोस्त मेरे... फिर किसी दिन मुलाकात होगी रू-ब-रू न सही, कोई गम नहीं ख्यालों में तो कोई बात होगी सपनों के बगीचे में पूछेंगे हाल यादों के बिस्तर पर जब रात होगी वहीं मिलेंगे चंद पल सकून के हमें रकीबों को छोड़, तु मेरे साथ होगी मोहब्बत के...
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भारत मल्होत्रा
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[21 Feb 2009 01:51 AM]



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