सुख ?

HINDI KAVYA MANCH बीत रहा जीवन यूँ ही , बस सुख की अभिलाषा | सुख है दुख या फ़िर सुख , अनभिज्ञ रहा क्या परिभाषा || तीव्र आकुलित भोक्ता दुःख का , कम आकुलता क्या यह है सुख ? जग भर जिसको सुख कहता है , वह सुख है अथवा है दुःख ? निर्विचार जीवन जीता है , रत रह व्यर्थ प्रयासों... [पूरी पोस्ट]
writer प्रदीप मानोरिया
views
35
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
16
[19 Feb 2009 23:33 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix