भूल पर

कबीरा खडा बाज़ार में ..... भूल पर , पछता रहा कोई ग़लतियाँ दोहरा रहा कोई फ़िर बुझे, मन की अँगीठी में, एक दुख, सुलगा रहा कोई मुट्ठियों में, भींच कर आँधी, मरुस्थल में, गा रहा कोई गुफ़ाओं से, खोजकर अवशेष, सभ्यता के, ला रहा कोई इस सदी की, त्रासदी अणुबम, बुद्ध - सा, समझा रहा कोई । ( लक... [पूरी पोस्ट]
writer sareetha
views
23
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
4
[19 Feb 2009 22:43 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix