पतझर मैं बारिश- हालाँकि मौसम के टूटकर गिरते पत्तों में पुरानी उदासियाँ जज्ब है... प्रेम करते हुए चुप रहने की तरह...
कोई भीड़ मैं आसानी से कैसे गुम हो सकता है ,वो भी तब- जब प्रेम एक जरूरी ताक़त की तरह मौजूदा चीजों को नए सिरे से देख रहा हो चाहे ये रह रहकर खो जाना या मिलना कितना ही मुश्किल या आसन हो और,साथ ही अच्छी पुरानी से शुरुआत करना ,ये वक्त खुश होने के निर्णय लि...
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Vidhu
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[18 Feb 2009 12:48 PM]



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