श्रीगुरुजी और राष्ट्र-अवधारणा
संस्कृति: राष्ट्र संकल्पना का हृदय राष्ट्र यानी लोग या समाज होता है। उसकी विशेषता उस समाज की संस्कृति होती है। संस्कृति यानी उस समाज के जीवनमूल्य, संस्कृति यानी उस समाज के अच्छे और बुरे नापने के मापदण्ड। संक्षेप में संस्कृति यानी राष्ट्र और राष्ट्रीय...
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sumansourabh
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[17 Feb 2009 04:39 AM]



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