स्वाधीनता ही सुख है

कुन्दकुन्द कहान अपनी स्वाधीनता की बात जब तक रूचि में नहीं बैठे ,तब तक स्वभाव की सनमुखता नहीं हो सकती , और तब तक आत्मा का हित भी नहीं होता .......! हे जीव अभी भी वक्त है ...| पूज्य गुरुदेव श्री कानजी स्वामी... [पूरी पोस्ट]
writer प्रदीप मानोरिया
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[15 Feb 2009 23:10 PM]

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