तलवार ख़ूँ में रंग लो, अरमान रह न जाये
उसने अपना बयान दे दिया और वह सरकारी गवाह बना लिया गया । यह कुछ अधिक जानता था ।
उसके बयान से क्रान्तिकारी पत्र के पार्सलों का पता चला । बनारस के डाकखाने से जिन-जिन के पास पार्सल भेजे गये थे उन को पुलिस ने गिरफतार किया । कानपुर में गोपीनाथ ने जिस के पा...
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डा. अमर कुमार
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[15 Feb 2009 14:50 PM]



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