जिन्दाबाद-मुर्दाबाद
नोट: यह मेरी प्रथम कहानी लेखन का प्रयास है, कृप्या अपनी प्रतिक्रिया दें और मुझे क्या सुधार करना चाहिये, सलाह दें. अभी दिन ही कितने बीते हैं जब उन्होंने साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं. उस चाँद के नीचे, नदी किनारे बैठे, सात जन्मों तक एक दूसरे का साथ नि...
[पूरी पोस्ट]
संजय तिवारी ’संजू’
45
7
0
7
0
[15 Feb 2009 12:48 PM]



Shuffle








