हरकीरत हकीर की कविता

सलाम ज़िन्दगी सलाम जिंदादिली इस बार ब्लॉग के कविता भेजी है हरकीरत "हकीर" ने जो कि गुवाहाटी से हैं और ब्लॉग की दुनिया की जानी मानी कवियत्री है. वक्त की नफा़सत बरसों पहले जीवन मर्यादाएँ धूसर-धुँधल चित्र लिए हस्‍तरेखाओं की तंग घाटियों में हिचकोले खातीं रहीं.... उबड़-खाबड़ बीहडो़ मे... [पूरी पोस्ट]
writer Shamikh Faraz
views
19
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[15 Feb 2009 09:48 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix